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Class 8 Hindi Kalika
एक टोकरी भर मिट्टी (गद्य)

एक टोकरी भर मिट्टी (गद्य) – Book Q A Class 8 Hindi Kalika

🗣️ बातचीत के लिए (मौखिक प्रश्न-उत्तर) -

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प्रश्न 1. क्या जमींदार द्वारा वृद्धा की झोंपड़ी हड़पना उचित था ? मित्रों के साथ चर्चा कीजिए।

उत्तर: नहीं, जमींदार द्वारा एक गरीब और अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी को जबरदस्ती हड़पना बिल्कुल अनुचित और अमानवीय कार्य था।

प्रश्न 2. वृद्धा की पोती के झोंपड़ी छोड़ने के दुःख पर कक्षा में चर्चा कीजिए।

उत्तर: वृद्धा की पोती अपनी झोंपड़ी से बहुत प्यार करती थी। घर छूट जाने के गहरे दुःख के कारण उस छोटी-सी बच्ची ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था और वह अपने घर जाने की जिद कर रही थी।

प्रश्न 3. यदि वृद्धा की पोती जमींदार से स्वयं बात करती तो क्या कहती ? इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर: यदि पोती स्वयं बात करती तो वह रोते हुए कहती, "महाराज, हमारी झोंपड़ी हमें लौटा दीजिए। मुझे अपने घर के बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता, कृपया हमें बेघर मत कीजिए।"

प्रश्न 4. कक्षा में अमीरों द्वारा गरीबों के शोषण पर लघु वक्तव्य प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: अमीर लोग अक्सर अपने धन और शक्ति के अहंकार में आकर गरीबों और असहायों का शोषण करते हैं, जो कि समाज के लिए एक कलंक है। हमें हर प्रकार के शोषण का विरोध करना चाहिए।

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✍️ सोचिए और लिखिए (बहुविकल्पीय प्रश्न) -

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1. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनकर लिखिए :

(क) जमींदार को झोंपड़ी हटाने की आवश्यकता क्यों लगी ?

उत्तर: (iii) वह अहाते का विस्तार करना चाहता था।

(ख) वृद्धा ने मिट्टी ले जाने की अनुमति कैसे माँगी ?

उत्तर: (iv) गिड़गिड़ा कर

(ग) वृद्धा की पोती का व्यवहार किस भाव को दर्शाता है ?

उत्तर: (ii) लगाव

(घ) कहानी का अंत कैसा है ?

उत्तर: (iii) प्रेरणादायक

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📝 एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए -

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(क) अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी कहाँ थी ?

उत्तर: अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी किसी श्रीमान् जमींदार के महल के पास थी।

(ख) वृद्धावस्था में अनाथ वृद्धा का एकमात्र आधार कौन थी ?

उत्तर: वृद्धावस्था में अनाथ वृद्धा का एकमात्र आधार उसकी पाँच वर्ष की पोती थी।

(ग) अनाथ वृद्धा झोंपड़ी छोड़ने के बाद कहाँ रह रही थी ?

उत्तर: अनाथ वृद्धा झोंपड़ी छोड़ने के बाद पास-पड़ोस में कहीं जाकर रहने लगी थी।

(घ) अनाथ वृद्धा टोकरी लेकर क्या लेने आई थी ?

उत्तर: अनाथ वृद्धा टोकरी लेकर अपनी पुरानी झोंपड़ी से एक टोकरी भर मिट्टी लेने आई थी।

(ङ) अनाथ वृद्धा की पोती ने खाना-पीना क्यों छोड़ दिया था ?

उत्तर: अपनी प्यारी झोंपड़ी छूट जाने के दुःख के कारण अनाथ वृद्धा की पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया था।

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📝 दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए -

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(क) जमींदार वृद्धा को झोंपड़ी से क्यों हटाना चाहता था ?

उत्तर: जमींदार साहब को अपने विशाल महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई थी। अपनी इसी इच्छा को पूरा करने के लिए वह वृद्धा को झोंपड़ी से हटाना चाहता था।

(ख) जमींदार ने वृद्धा को झोंपड़ी से हटाने के लिए क्या किया ?

उत्तर: जब जमींदार के सारे प्रयत्न निष्फल हो गए, तब उसने वकीलों की थैली गरम कर अदालत का सहारा लिया। अदालत के माध्यम से उसने झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया और वृद्धा को वहाँ से निकाल दिया।

(ग) अनाथ वृद्धा मृतप्राय क्यों हो गई थी ?

उत्तर: अनाथ वृद्धा अपनी झोंपड़ी से बहुत अधिक प्यार करती थी क्योंकि वहीं उसके पति और बेटे की मृत्यु हुई थी। जब उसने जमींदार की झोंपड़ी हथियाने की इच्छा के बारे में सुना, तो इसी गहरे दुःख के कारण वह मृतप्राय हो गई थी।

(घ) अनाथ वृद्धा झोंपड़ी से एक टोकरी मिट्टी क्यों ले जाना चाहती थी ?

उत्तर: वृद्धा की पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया था और वह अपने घर की मिट्टी के चूल्हे पर ही रोटी खाने की जिद कर रही थी। अपनी पोती को रोटी खिलाने के लिए चूल्हा बनाने के उद्देश्य से वृद्धा एक टोकरी मिट्टी ले जाना चाहती थी।

(ङ) जमींदार साहब का हृदय-परिवर्तन कैसे हुआ ?

उत्तर: जब जमींदार अपनी पूरी ताकत लगाकर भी मिट्टी से भरी एक टोकरी नहीं उठा पाया, तब वृद्धा ने कहा कि जब आप एक टोकरी मिट्टी का भार नहीं उठा सकते, तो इस झोंपड़ी की हजारों टोकरियों की मिट्टी का भार जीवन-भर कैसे सहेंगे। यह मार्मिक बात सुनकर जमींदार का हृदय-परिवर्तन हो गया।

(च) जमींदार साहब को जब अपने कर्तव्य का बोध हुआ तब उसका परिणाम क्या हुआ ?

उत्तर: कर्तव्य का बोध होने पर जमींदार को अपने किए गए बुरे कर्म पर बहुत पश्चाताप हुआ। उसने अपने अहंकार को त्यागकर अनाथ वृद्धा से क्षमा माँगी और सम्मान के साथ उसकी झोंपड़ी उसे वापस लौटा दी।

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🔗 4. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -

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😊 (क) महल के पास एक गरीब, अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी थी।

😊 (ख) श्रीमान् के सब प्रयत्न निष्फल हुए।

😊 (ग) इससे भरोसा है कि वह रोटी खाने लगेगी।

😊 (घ) नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।

😊 (ङ) इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है।

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💭 अनुमान और कल्पना -

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1. यदि वृद्धा की पोती जमींदार से स्वयं बात करती तो वह क्या कहती ? सोचकर लिखिए।

उत्तर: यदि पोती स्वयं जमींदार से बात करती तो वह रोते हुए कहती - "महाराज, कृपया हमारा घर हमें लौटा दीजिए। मुझे अपने घर के बिना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मुझे बहुत डर लग रहा है। हम गरीब हैं, हमें बेघर मत कीजिए।"

2. यदि आप जमींदार की जगह होते तो क्या करते ? सोच कर लिखिए।

उत्तर: यदि मैं जमींदार की जगह होता तो मैं कभी भी एक असहाय और गरीब वृद्धा की झोंपड़ी को बलपूर्वक नहीं छीनता। बल्कि, मैं उसकी मदद करता और अहाते का विस्तार उस झोंपड़ी को छोड़कर किसी अन्य दिशा में करता।

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📚 भाषा-ज्ञान (Grammar & Vocabulary) -

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1. पाठ से संज्ञा शब्दों को ढूंढकर लिखिए :

उत्तर: जमींदार, महल, झोंपड़ी, वृद्धा, पोती, टोकरी, मिट्टी, चूल्हा, रोटी, अदालत, वकील, महाराज आदि।

2. संज्ञा शब्द पाँच प्रकार के होते हैं, पाठ से या अन्यत्र से दो-दो उदाहरण लिखिए :

😊 (१) व्यक्तिवाचक: माधवराव सप्रे, भारत

😊 (२) जातिवाचक: झोंपड़ी, महल, टोकरी

😊 (३) भाववाचक: वृद्धावस्था, दुःख, दया, अहंकार

😊 (४) द्रव्यवाचक: मिट्टी, पानी, सोना

😊 (५) समूहवाचक: अदालत, भीड़, परिवार

3. निम्नलिखित प्रत्येक संज्ञा शब्द से अलग-अलग वाक्य बनाइए :

😊 (क) क्षमा: जमींदार ने अपनी गलती का एहसास होने पर वृद्धा से क्षमा माँगी।

😊 (ख) दुःख: अपनी झोंपड़ी छिन जाने के कारण वृद्धा को बहुत गहरा दुःख हुआ।

😊 (ग) प्रयत्न: वृद्धा को डराने-धमकाने के जमींदार के सारे प्रयत्न निष्फल हो गए।

😊 (घ) सिर: वृद्धा ने जमींदार से भारी टोकरी को उसके सिर पर रखवाने की विनती की।

😊 (ङ) कृपा: हे महाराज! मुझ गरीब पर थोड़ी कृपा कीजिए।