कबीर के दोहे (पद्य) – Book Q A Class 8 Hindi Kalika
प्रश्न 1. गुरु भगवान से बड़े हैं। यह विषय कबीर के कौन से दोहे में वर्णित है ?
उत्तर: यह विषय कबीर के प्रथम दोहे "गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।" में वर्णित है।
प्रश्न 2. साधु के स्वभाव के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर: साधु का स्वभाव सूप (कुला) की तरह होना चाहिए, जो अच्छी बातों (सार) को ग्रहण करता है और बुरी बातों (थोथा) को त्याग देता है।
प्रश्न 3. मीठी वाणी या मीठे वचन बोलने से हमें क्या लाभ मिलता है ?
उत्तर: मीठी वाणी बोलने से सुनने वालों को सुख और शांति मिलती है, साथ ही बोलने वाले के अपने मन को भी असीम शांति प्राप्त होती है।
प्रश्न 4. हम बड़े लोग किन्हें कहेंगे ? बड़े लोगों का लक्षण क्या है?
उत्तर: हम उन्हें बड़ा कहेंगे जो दूसरों के काम आएं और उनकी मदद करें। केवल धन या शरीर से बड़ा होना खजूर के पेड़ के समान व्यर्थ है, जो किसी को छाया नहीं देता।
प्रश्न 5. निंदा करनेवाले लोग परोक्ष में हमारा क्या उपकार करते हैं?
उत्तर: निंदा करने वाले हमारी गलतियों को बताते हैं, जिससे हम अपनी कमियों को दूर कर सकते हैं। वे बिना साबुन और पानी के हमारे स्वभाव को निर्मल कर देते हैं।
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✍️ सोचिए और लिखिए (बहुविकल्पीय प्रश्न)
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1. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनकर लिखिए।
(क) 'गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय' इस दोहे में किसके बारे में कहा गया है ?
उत्तर: (iii) गुरु के महत्व
(ख) 'साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय'। इस दोहे में साधु के स्वभाव के बारे में क्या कहा गया है ?
उत्तर: (i) साधु का स्वभाव सूप जैसा है।
(ग) 'ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। औरन को सीतल करै आपहुँ सीतल होय।' इस दोहे के अनुसार मधुर वचन बोलने से क्या लाभ मिलता है ?
उत्तर: (iv) स्वयं को और दूसरों को मानसिक शांति मिलती है।
(घ) निम्नलिखित में से किस पेड़ के नीचे पथिक को छाया नहीं मिलती ?
उत्तर: (iv) खजूर के
(ङ) 'निंदक नियरे राखिए आँगन कुटी छवाय' इस पंक्ति के अनुसार हमें किस दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए ?
उत्तर: (iii) निंदा करने वालों को पास रखना चाहिए।
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📝 एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए
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(क) गुरु और गोविंद दोनों हमारे सामने खड़े हैं तो हमें किनके चरण पहले छूने चाहिए ?
उत्तर: हमें पहले अपने गुरु के चरण छूने चाहिए।
(ख) साधु का स्वभाव कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: साधु का स्वभाव सूप (अनाज फटकने वाले साधन) के जैसा होना चाहिए।
(ग) मनुष्यों को कैसी वाणी बोलनी चाहिए ?
उत्तर: मनुष्यों को अहंकार त्यागकर मधुर (मीठी) वाणी बोलनी चाहिए।
(घ) दोहे में खजूर के पेड़ के बारे में क्या कहा गया है ?
उत्तर: खजूर का पेड़ बड़ा होने पर भी किसी को छाया नहीं देता और उसके फल भी बहुत दूर लगते हैं।
(ङ) कौन पानी और साबुन के बिना हमारे मन को निर्मल कर देता है ?
उत्तर: निंदक (हमारी आलोचना करने वाला) पानी और साबुन के बिना हमारे मन को निर्मल कर देता है।
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📝 दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए
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(क) साधु के स्वभाव की तुलना किसके साथ की गई है और क्यों ?
उत्तर: साधु के स्वभाव की तुलना 'सूप' (सूपड़ा) के साथ की गई है। जिस प्रकार सूप अच्छे और काम के अनाज को अपने पास रख लेता है तथा व्यर्थ के छिलकों को उड़ा देता है, ठीक उसी प्रकार साधु व्यक्ति अच्छाइयों को ग्रहण करता है और बुराइयों को त्याग देता है।
(ख) मधुर वाणी बोलने से क्या फायदा मिलता है ?
उत्तर: मधुर वाणी बोलने से मन का अहंकार नष्ट हो जाता है। मीठे वचनों से सुनने वाले व्यक्ति को अपार शांति मिलती है और साथ ही बोलने वाले के अपने मन को भी शीतलता (खुशी) प्राप्त होती है।
(ग) निंदक की बात क्यों सुननी चाहिए ?
उत्तर: हमें निंदक की बात इसलिए सुननी चाहिए क्योंकि वह हमारी कमियों और गलतियों को हमें बताता है। उसकी बातों पर ध्यान देकर हम अपनी गलतियाँ सुधार सकते हैं और हमारा स्वभाव बिना साबुन और पानी के ही स्वच्छ तथा निर्मल बन जाता है।
(घ) कवि के अनुसार गुरु गोविंद से भी श्रेष्ठ कैसे होते हैं ?
उत्तर: कवि के अनुसार गुरु का स्थान भगवान (गोविंद) से भी श्रेष्ठ है क्योंकि गुरु ही हमें वह ज्ञान और मार्ग प्रदान करते हैं जिससे हम भगवान तक पहुँच सकते हैं। गुरु की कृपा के बिना ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है।
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🔗 4. 'क' स्तंभ के साथ 'ख' स्तंभ का मिलान कीजिए:
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सही मिलान (Correct Matching):
➡️ गुरु गोविंद दोऊ खड़े —— काके लागू पाँय
➡️ बलिहारी गुरु आपने —— गोविंद दियो बताय
➡️ सार सार को गहि रहै —— थोथा देइ उड़ाय
➡️ औरन को सीतल करै —— आपहुँ सीतल होय
➡️ पंथी को छाया नहीं —— फल लागै अति दूर
➡️ निंदक नियरे राखिए —— आँगन कुटी छवाय
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📚 भाषा-ज्ञान (Grammar & Vocabulary)
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1. निम्नलिखित शब्दों का खड़ीबोली हिंदी रूप लिखिए :
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दोऊ - दोनों
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काके - किसके
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सुभाय - स्वभाव
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सीतल - शीतल / ठंडा
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बानी - वाणी / वचन
2. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
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गुरु - शिक्षक, आचार्य
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गोविंद - ईश्वर, भगवान
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साधु - संत, सज्जन
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पेड़ - वृक्ष, तरु
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पंथी - पथिक, राहगीर
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कुटी - कुटिया, झोंपड़ी
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पानी - जल, नीर
3. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
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साधु - असाधु / दुर्जन
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सार - असार / थोथा
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बड़ा - छोटा
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गुरु - शिष्य
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निर्मल - मलिन
4. कबीर दास जी के दोहों से तुकांत शब्द (Rhyming Words) छाँटकर लिखिए :
जैसे: पाँय – बताय
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सुभाय – उड़ाय
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खोय – होय
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खजूर – दूर
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छवाय – सुभाय